आध्यात्मिक व्यक्ति , आध्यात्मिक विश्व का निर्माण करता हैं || A spiritual person creates a spiritual world.

आध्यात्मिक व्यक्ति , आध्यात्मिक विश्व का निर्माण करता हैं!

Yoga
योग संदेश
     योग का अर्थ है सम्यक मति, शक्ति, भक्ति, कृति, प्रकृति एवं संस्कृति से युक्त होकर समता तथा कुशलता पूर्वक स्वधर्म, आत्मधर्म , राष्ट्र धर्म, सेवा धर्म एवं मानव धर्म का प्रमाणिकता के साथ निर्वहन करना।
     योग संसार का सबसे श्रेष्ठ शब्द एवं योगाभ्यास व्यक्ति, परिवार समाज राष्ट्र एवं विश्व के विकास, समृद्धि , सुखशांति निर्माण एवं निवार्ण ( मोक्ष- मुक्ति , कैवल्य -पूर्णता ) की प्राप्ति का समग्र स्थाई शाश्वत वह वैज्ञानिक र्माग या माध्यम साधन है।

Yogadan tips
Yogasan Tips

    अष्टांग योग, राजयोग, हठयोग, ज्ञानयोग, भक्तियोग, कर्मयोग, मंत्र योग, कुंडलिनी योग, प्रतिपृसव या कैवल्य योग आदि योग साधना के साधनरुप मार्गों की प्रधानता की दृष्टि से विभिन्न नाम हैं, वस्तुत योग में कोई भी नेता नहीं है।

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   योग कौन ने दो रूपों में प्रमुखता रखता हूं, एक योग का व्यवहारिक रूप स्वरूप अभ्यास या दर्शन , दूसरा योग का आध्यात्मिक पक्ष या दर्शन, मेरा अध्ययन अनुसंधान एवं स्वयं  पर तथा करोड़ों लोगों पर अनुभव के आधार पर यह मानना है कि यदि प्रत्येक मनुष्य प्रातः एवं शायं योगासन , व्यायाम, प्राणायाम, एवं ध्यान आदि का अभ्यास करने तथा शेष दिनभर  योगयुक्त अष्टांग योग के अनुरूप एक श्रेष्ठ, दिव्य, नैतिक या आध्यात्मिक आचरण करे तो संसार में किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या रोग, तनाव, दुख, दरिद्रता, हिंसा, झूठ, बेईमानी, आपाधापी, आतंकवाद, विश्वासघात, असंतोष,  एवं नास्तिकता आदि कोई भी दोष शेष नहीं रहेगा ।

Meditation
Meditation

  
     सभी लोगों में तनाव में हिंसा एवं युद्ध आदि से संसार को बचाने का समय कोई मात्र है तो वह योग ही है ।
     मैं सभी राष्ट्रीय वासियों से विनम्र प्रार्थना आव्हान करता हूं कि सब बच्चे विद्यार्थी, युवक, युक्तियां सभी धर्म, वर्ग, मजहब एवं सभी देशों के नागरिक बिना किसी दुराग्रह एवं भेदभाव के एक बार योग करना प्रारंभ करें। 
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       इसका परिणाम अपरिमित, अतुल्य एवं बहुत ही महान या श्रेष्ठ होगा।  संपूर्ण विश्व योग में ही  सुखी, स्वस्थ, समृद्ध, दिव्या एवं भव्य बनेगा। आध्यात्मिक व्यक्ति समाज राष्ट्र एवं आध्यात्मिक विश्व का निर्माण होगा।

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