पतंजलि कोरोनिल सेवन करने की सही विधि व मात्रा || Coronil कैसे काम करती है || patanjali coronil tablet uses in hindi

पतंजलि कोरोनिल सेवन करने की सही विधि व मात्रा

       पिछले दिनों योग गुरु बाबा रामदेवने दावा किया था कि पतंजलि  आयुर्वेद की तरफ से तैयार कोरोनिल दवा कोरोना में काफी कारगर है। इसको लेकर काफी विवाद भी हुआ था और बाद में उन्होंने कहा कि कोरोनिल दवा प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने में कारगर है। 

| Coronil कैसे काम करती है || patanjali coronil tablet uses in hindi
coronil kit

      आज के इस ब्लॉग में हम आपको कोरोनिल किट के बारे में संपूर्ण जानकारी देंगे उसके खाने की विधि मात्रा आदि के बारे में बातें करेंगे।


कोरोना संक्रमित रोगियों हेतु और कोरोनिल की मात्रा तथा सेवन विधि

1- दिव्या श्वासारि वटी-

     2-2 गोलियां दिन में तीन बार सुबह नाश्ते से पहले तथा दोपहर रात भोजन के आधा घंटा पहले गर्म पानी से सेवन करें।


2- दिव्या कोरोनिल टैबलेट-

    दो दो गोलियां दिन में तीन बार सुबह नाश्ते के बाद तथा दोपहर वह रात को भोजन के आधे घंटे बाद गर्म जल से सेवन करें।


3- दिव्य अणु तेल-

     एक बार नाश्ते से एक घंटा पहले दोनों नासिकाओ में चार-चार बूंद डालें।


विशेष-   रोगियों की सुगमता एवं आयुर्वेदिक औषधियों गिलोय घनवटी, तुलसी घनवटी एवं अश्वगंधा कैप्सूल के साथ किए गए नैदानिक अनुसंधान के आधार पर तथा शास्त्रीय आयुर्वेदिक औषधियों मात्रा ज्ञान का उपयोग करते हुए दिव्या कोरोनिल टैबलेट के रूप में सम्मिश्रण तैयार किया गया है।


नोट- इस औषधि का सेवन कोरोना से बचाव के लिए भी किया जा सकता है-


1- दिव्य श्वासारि वटी- 2-2 गोली दोनों समय खाने से आधा घंटा पहले गर्म जल से सेवन करें।

2- दिव्या कोरोनिल टैबलेट- 2-2 गोली दोनों समय खाने के आधा घंटा बाद गर्म पानी से सेवन करें।


उपरोक्त वर्णित औषधि सेवन व  मात्र 15 से 18 वर्ष आयु वाले व्यक्तियों के लिए हैं।  6 से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चे उपरोक्त वर्णित की आधी मात्रा का सेवन करें।


विशेष मार्गदर्शन-

1- रोगी अपने मन में उत्साह रखें तथा फेफड़ों को मजबूत बनाने इम्यूनिटी को बढ़ाने तथा अन्य क्रॉनिक डिजीज को कंट्रोल करने के लिए वस्त्रिका, कपालभाति , उज्जाई,  अनुलोम विलोम , ब्राह्मणी, उदगीर आदि प्राणायाम, ध्यान एवं सूर्य नमस्कार या अन्य आवश्यक आसन करें यदि अनुकूल वातावरण मिले तो भ्रमण आदि करें आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी जीवन का हिस्सा है।


2- सामान्य रूप से शुद्ध सात्विक आहार लें। यदि सर्दी-जुकाम फीवर कोरोनावायरस है तो दिनभर गर्म पानी का सेवन करें। सुपाच्य भोजन करें तीखा, तला, ठंडा, घी, तेल आदि का सेवन ना करें।


3- इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए व शरीर की आवश्यकता एवं प्राकृतिक के अनुसार अन्य महत्वपूर्ण उत्पादक श्वासारि क्वाथ, अश्वशिला कैप्सूल , चवनप्राश, शहद, एलोवेरा जूस, गिलोय जूस, शिलाजीत कैप्सूल, शिलाजीत सत एक-एक बूंद एवं हल्दी  के साथ दूध का सेवन कर सकते हैं चाय के स्थान पर दिव्य हर्बलपेय पर करें।


4- किसी में आपातकाल की स्थिति आकस्मिक अवस्था श्वसन में अधिक कठिनाई आदि में भारत सरकार द्वारा निर्धारित चिकित्सा विधि का पालन करें ।


  •         ‌यह ओषधियाँ मनुष्य के फेफड़ों से लेकर पूरे शरीर की इम्युनिटी को प्रभावी रूप से पुष्ट करती हैं तथा करोना के संक्रमण की चैन को तोड़ती है कोरोनावायरस शरीर में प्रवेश कर के कपड़ों की बेसिक यूनिट Alveoli को हाईजैक करते हुए उनकी कार्यप्रणाली को बाधित करने की चेष्टा करता है और Cytokines का तूफान खड़ा करके तैयार करने लगता है। यह ओषधियाँ इस प्रक्रिया को बाधित करती हैं साथ ही शरीर का फाइटर इम्यून सेल्स को बढ़ाकर कोरोना वायरस के संक्रमण को अत्यंत प्रभावी ढंग से नियंत्रित करती हैं।




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