पतंजलि की दिव्य पीड़ांतक वटी के फायदे तथा सेवन करने की विधि || Patanjali Divya Peedantak Vati

 

 Patanjali Divya Peedantak Vati


Patanjali Divya Peedantak Vati
Divya Peedantak Vati



पतंजलि दिव्य पीड़ांतक वटी में डालने वाले  मुख्य घटक–

कुचला, नागरमोथा, रस्ना, निर्गुंडी, पुनर्नवामूल, मेंथी, निशोथ, सतावर, हडजोड़, हल्दी, शुनठी, कुटकी, शुद्ध गुग्गुलु, गोदंती भस्म, मुक्ताशुक्ति भस्म, प्रवाल पिष्टी, गिलोय, मेथी, अश्वगंधा, शिलाजीत सत, दशमूल इत्यादि।


पीड़ांतक वटी के फायदे तथा मुख्य गुण —

  • इसके सेवन से विभिन्न प्रकार की वातज व्याधियों जानूशूल, मांसपेशियों में दर्द, वातरक्त समस्त संधि बंधनों से पीड़ा इत्यादि विकारों में लाभ होता है।
  • यह ज्वर घन, जोड़ों के दर्द में आराम देने वाली शोथहर गुणों से युक्त हैं।
  • इसके सेवन से सभी प्रकार के जोड़ों के दर्द में लाभ होता है। स्नायु संबंधी शूल तथा शोध इत्यादि रोगों में लाभ होता है।


सेवन करने की विधि तथा मात्रा–

  • 1 से 2 गोली दिन में दो बार जल के साथ भोजन के उपरांत सेवन करें।

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