थायराइड से मिलेगा जल्दी छुटकारा || Patanjali Divya Thyrogrit in Hindi

थायराइड से मिलेगा जल्दी छुटकारा 

Patanjali Divya  Thyrogrit in Hindi

   दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हम बात करने वाले हैं दिव्य Thyrogrit के बारे में थायरोग्रिट (पतंजलि) दिव्य फार्मेसी द्वारा निर्मित एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो योग गुरु स्वामी रामदेव व आचार्य बालकिशन जी के सानिध्य में तथा पतंजलि रिसर्च इंस्टिट्यूट में रिसर्च के बाद बनाई गई हैं, तो आइए जानते हैं पतंजलि थायरोग्रिट के बारे में-


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Divya Thyrogrit

    थायरोग्रिट क्या है Thyrogrit kya hain :-

         थायरोग्रिट (पतंजलि) दिव्य फार्मेसी द्वारा निर्मित एक आयुर्वेदिक औषधि है जो थायराइड जैसी समस्याओं के लिए बनाई गई है । यह थायराइड संबंधी सभी समस्याओं के लिए एक रामबाण औषधि के रूप में तैयार की गई है। Thyrogrit मुख्य रूप से थायराइड ग्रंथि से जुड़ी सभी समस्याओं को समाप्त करने के लिए उपयोग में लाई जाती है।
    थायराइड ग्रंथि हमारे गले में स्वर के नीचे होती है । जब उस में बनने वाला हार्मोन्स में वृद्धि होने लगती है या कमी होने लगती है तो यह समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसे गलगंड भी कहते हैं।


    थायरोग्रिट के मुख्य घटक Thyrogrit ke Ghatak :-

    • कांचनार छाल (EXT.)
    • त्रिकटु का पाउडर
    • शुद्ध गुग्गुल
    • धनिये का (EXT.)
    • सिंघाडा (EXT.)
    • बहेड़ा (EXT.)
    • पुनर्नवा (EXT.)
    • पिप्पल
    • मारीच


    थायरोग्रिट के फायदे  Thyrogrit ke Fayde :-

         जब थायराइड ग्रंथि से होने वाले हारमोंस के स्राव में कमी होने लग जाती है तो इससे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। Thyrogrit थायराइड की समस्या तथा घेंघा रोग के लिए लाभकारी है।


    थायराइड ग्रंथि असमान्य होने के लक्षण :-
    Symptoms of abnormal thyroid gland:-

    • थकान का बने रहना
    • मासिक धर्म अनियमितता
    • वजन का बढ़ना
    • बालों का ज्यादा झड़ना
    • चहरे और आँखों में सूजन महसूस होना
    • धड़कन की गति धीमी हो जाना
    • नाखूनों का पतला होना या फिर टूटना आदि।


    घेंघा रोग में लाभदायक :-

         जब पियूष ग्रंथि थायराइड ग्रंथि को हार्मोन की मात्रा बढाने के लिए उत्तेजित करती हैं तो इसी स्थिति में ग्रंथि का आकार बढ़ने लग जाता हैं | हायपरथायरायडिज्महाइपोथायरायडिज्म इन दोनों स्थितियों में घेंघा रोग हो सकता हैं | यह रोग दर्द युक्त या दर्द से रहित दोनों प्रकार का हो सकता है | इस को गलगंड रोग भी कहा जाता हैं |


    घेंघा रोग के लक्षण :-
    beneficial in goiter disease :-

    • गले में सूजन आना
    • निगलने में कठिनाई होना
    • थायराइड में गांठ बनना
    • गला बैठ जाना
    • सांस लेने में दिक्कत होना
    • खांसी, आदि |


    थायरोग्रिट की सेवन विधि Thyrogrit sevan vidhi :-

    • दो गोलियां दिन में , दो बार गुनगुने पानी के साथ, भोजन के बाद , चिकित्सक निर्देशानुसार करना चाहिए।


    थायरोग्रिट सेवन करने की सावधानियां :-
    Precautions for taking Thyrogrit:-

    • गुनगुने पानी के साथ सेवन करने चाहिए
    • चिकित्सक से सलाह जरूर ले
    • इसका सेवन करते समय खट्टी चीजों का अधिक परेज करें।


    पैक का आकार :-
    Size of pack :-

    • 60 tabs in container


    थायरोग्रिट की उपलब्धता :-
    Available of Thyrogrit :-

    • नजदीकी पतंजलि स्टोर
    • ऑनलाइन माध्यम द्वारा

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