बढ़ने ना दें एसिडिटी की समस्या || Yoga for Acidity and some changes!

 बढ़ने ना दें एसिडिटी की समस्या 


Yoga for Acidity and some changes!


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     दोस्तों, आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे एसिडिटी की समस्या के बारे में। Acidity एक आम समस्या है , पर इसका मतलब यह नहीं कि इसकी अनदेखी की जाए । बढ़ती उम्र के साथ कई बार यह परेशानी और भी बढ़ने लगती हैं । अच्छी बात यह है कि नियमित योग Yoga for Acidity and some changes! से इसे बढ़ने से रोकने में Help मिल सकती है ।


     कभी न कभी Acidity की समस्या का सामना हर कोई करता है । पेट में पित्त ज्यादा बनने के कारण पेट व सीने के आसपास जलन होने लगती है और खट्टी डकार आने लगती है । हमारे शरीर में अम्ल भोजन को तोड़ने और पचाने में मदद करते हैं , पर कई कारणों से एसिड वापस ऊपर की ओर यानी मुंह की ओर आने लगता है । इसे एसिड रिफ्लक्स भी कहते हैं । भोजन को ठीक से नहीं चबाना , कम पानी पीना और धूम्रपान करना , Acidity की समस्या को बढ़ा देते हैं ।


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     कई प्राकृतिक उपायों और जीवनशैली में सुधार करके एसिडिटी की समस्या पर काबू पाया जा सकता है । नियमित योग से भी इसे काबू में रखने में मदद मिलती है । अध्ययनों के अनुसार , एसिडिटी की समस्या रहने पर व्यक्ति तनाव में भी रहने लगता है । नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार , योग करने से एसिड रिफ्लक्स जैसे पाचन डिसॉर्डरसे जुड़े लक्षणों को नियंत्रित करने और / या कम करने में मदद मिलती है ।


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    कुछ जरूरी बदलाव  some changes :-

    •  आयुर्वेद व प्राकृतिक चिकित्सा में एसिडिटी को काबू करने के लिए पूरे पाचन मार्ग की सेहत पर ध्यान दिया जाता है ।
    • रोजाना पर्याप्त पानी पिएं । एक या दो बूंट पानी पीने की बजाय ज्यादा मात्रा में पानी पिएं । ग्रीन टी , फलों का रस , सूप , नीबू पानी और नारियल पानी पीना भी फायदेमंद रहता है । इससे पेट में होने वाले संक्रमण में कमी आती है । आंतें स्वस्थ रहती हैं और पोषण भी मिलता है ।
    •  ज्यादा मसालेदार भोजन न खाएं । कई तरह के प्रिजर्वेटिव्स के साथ बनाई गई चीजों से परहेज करें । ताजे फल और सब्जियां खाएं । 
    • अनियमित समय पर खाने से बचें । समय पर भोजन करें और देर तक भूखा न रहें । इस आदत को अपनाना बहुत जरूरी है । 
    • बहुत ज्यादा या बहुत कम मात्रा में खाने से बचें । एक या दो बार ज्यादा मात्रा में खाने की बजाय कम मात्रा में थोड़ा थोड़ाखाएं । इससे पाचन बेहतर होता है ।


    इन आसनों का करें नियमित अभ्यास Acidity ke liya Yoga :-


     

    ऊष्ट्रासन Utrasana :-



         ऊष्ट्रासन पेट के भीतरी हिस्सों की सक्रियता को बढ़ाता है । पाचन प्रक्रिया को चुस्त बनाता है । इस आसन से छाती , पेट और गर्दन में ताकत और लचीलापन बढ़ता है । पेट से निचले हिस्सों व दिमाग तक रक्त का बेहतर संचार भी होता है । फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है ।


     कपालभाति प्राणायाम Kapalbhati Pranayama :-


    बढ़ने ना दें एसिडिटी की समस्या || Yoga for Acidity and some changes!


        कपालभाति का नियमित अभ्यास करें । इससे शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है और जमा विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं । इससे एसिडिटी में आराम मिलता है । यह आसन फेफड़ों को भी मजबूत बनाता है । 


    पवनमुक्तासन Pawanmuktasana :-


    बढ़ने ना दें एसिडिटी की समस्या || Yoga for Acidity and some changes!


         इससे कब्ज और गैस जैसी पाचन सम्बंधी समस्याओं में आराम मिलता है । यह आसन पीठ और पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों पर दबाव डालता है और उन्हें मजबूती देता है । कूल्हे के जोड़ों में रक्त संचार में सुधार और पीठ के निचले हिस्से का तनाव भी दूर होता है ।

    वज्रासन  Vajrasana :-


    बढ़ने ना दें एसिडिटी की समस्या || Yoga for Acidity and some changes!



         यह काफी आसान आसन है । इसे खाने के बाद भी किया जा सकता है । जिन लोगों को एसिडिटी रहती है , उन्हें भोजन के बाद इसे करना चाहिए । यह आसन पूरे पाचन तंत्र के लिए लाभकारी है । यह पाचन क्रिया में सुधार करता है , सूजन को कम करता है और पेट की दूसरी गड़बड़ियों को कम करने में मदद करता है । यह ध्यान ( Meditation) की भी अच्छी मुद्रा है । इस मुद्रा में बैठकर गहरी सांस लेने व छोड़ने का अभ्यास भी कर सकते हैं । 


    हलासन  Halasan :-

    बढ़ने ना दें एसिडिटी की समस्या || Yoga for Acidity and some changes!


         हलासन को हल मुद्रा के रूप में जाना जाता है । इस आसन से शरीर का लचीलापन बढ़ता है और पेट व रीढ़ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं । यह कंधों और पीठ की मांसपेशियों में तनाव को दूर करने का एक प्रभावी तरीका होता है । इसके अतिरिक्त यह आसन पाचन में सुधार करता है । वजन कम करने के इच्छुक लोगों को भी यह व्यायाम करना चाहिए । 


    पश्चिमोत्तानासन Paschimottanasana :-

    बढ़ने ना दें एसिडिटी की समस्या || Yoga for Acidity and some changes!


          यह आसन पूरे पाचनतंत्र और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है । इससे पीरियड को नियमित करने और पेट की चर्बी को कम करने में भी मदद मिलती है ।


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