दिव्य ट्रायघन के फ़ायफे तथा सेवन विधि || Patanjali Divya Trighan in Hindi

 दिव्य ट्रायघन के फ़ायफे तथा सेवन विधि
 Patanjali Divya Trighan in Hindi

 

     नमस्कार दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम बात करेंगे पतंजलि आयुर्वेद द्वारा निर्मित दिव्य ट्रायघन( Trighan) के बारे में। इसमें हम आपको बताएंगे कि इसके क्या -क्या फायदे हैं, इसके सेवन करने की विधि तथा सावधानियां और इसमें डलने वाले मुख्य घटक के बारे में ।
अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगे तो इसे शेयर करना ना भूलें। अगर आपके मन में कोई सवाल है तो आप हमें नीचे कमेंट में पूछ सकते हैं । जिसका हम आपको जल्द ही उत्तर देने की कोशिश करेंगे । तो आइए जानते हैं दिव्य ट्रायघन  के बारे में-

ट्रायघन क्या हैं-
Trighan kya hai –

     Trighan दिव्य फार्मेसी द्वारा निर्मित एक आयुर्वेदिक औषधि हैं । इसका मुख्य घटक गोखरू हैं | प्राचीन समय से ही गोखरू का प्रयोग कई रोगों के लिये किया जाता रहा हैं। यह औषधि वात, पित्त और कफ को नियंत्रित करने में सहायक हैं। मूत्रकृच्छ, आमवात, पथरी, रक्तपित्त जैसी समस्याओं में यह औषधि बहुत लाभ पहुंचाती हैं । इसका सेवन करने से दुर्बलता दूर होती हैं और शरीर बलवान बनता हैं।
यौन विकारो को समाप्त करने में भी इस औषधि की सहायता ली जाती हैं। त्वचा रोगों के लिए भी रह लाभदायक हैं तथा उचित मात्रा में सेवन करने पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव भी नही होता ।
 

 

मुख्य घटक :-
Components of Trighan :-

  •  गोखरू ( ट्रिबुलस टेरिस्ट्रिस )।

  इस औषधि का मुख्य घटक गोखरू ही होता हैं ।

 

 चिकित्सीय उपयोग :-
Benefits of Trighan :-

 

 

 

आमवात में –

     आम बात में जोड़ों में सूजन तथा ऐसे अन्य पीड़ा होने लगती हैं । कभी तो यह कुछ दिन के लिए ठीक हो जाती है, परंतु शरीर की किन्ही जोड़ों में सूजन और दर्द दोबारा शुरू हो जाता है। इस स्थिति में सुबह के टाइम एडियो में भी दर्द की शिकायत होती है।
    इसे गठिया रोग भी कह सकते हैं । यह शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाने के कारण होता है। अगर आप इस रोग से राहत पाना चाहते हैं तो इसके लिए आप Trighan का प्रयोग जरूर करें यह दर्द के साथ-साथ सूजन में भी राहत प्रदान करेगी।
 

मूत्रकृच्छ में –

     इस रोग में रोगी को मूत्र त्याग करने की अधिक इच्छा होती है । परंतु वह मूत्र त्याग नहीं कर पाता है। इसके कारण ही व्यक्ति को बहुत अधिक कष्ट का सामना भी करना पड़ता है। इस अवस्था में मूत्र कभी-कभी तो बूंद बूंद करके आता है लेकिन वह भी बड़े कष्ट के साथ।
   लेकिन महिलाओं में यह समस्या कभी-कभी गर्भाशय के अपने स्थान से हट जाने के कारण भी होती हैं, या मूत्राशय में पथरी भी इसका एक कारण बनती है। यदि इस रोग में दिव्य Trighan वटी का सेवन किया जाए तो व्यक्ति को काफी आराम मिल सकता है।
 

अन्य फायदे –
other Benefits of Trighan –

  • शोथ ( सूजन ) , 
  • मुत्र क्रिच ( यूटीआई ) , 
  • डौरवल्या ( कमजोरी ) 
  • अश्मरी (पथरी) में
  • रक्त पित्त में
  • यौन विकारो के लिए
  • त्वचा पर सकारात्मक असर
  • बुखार में लाभकारी
  • पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान कर
  • दमा में सहायक
 

सेवन विधिः-

  • मौखिक ।

 

खुराक :-
Dose of Trighan :-

  •  २ गोलियाँ , दिन में दो बार , गुनगुने पानी के साथ भोजन के बाद या चिकित्सक द्वारा निर्देशिता ।

 

सावधानियाँ :-

  • ट्रायघन औषधि का प्रयोग करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
  • इसका घटक गोखरू है, जिस की तासीर गर्म होती है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को मुख्य रूप से इसका सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य ही लेनी चाहिए।
  • इस औषधि का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए।

 

पैक का आकार :-
Size of packing :-

  •  60 Tabs in container .
 

उपलब्धता –

  • ट्रायघन को आप अपने नजदीकी पतंजलि सेंटर से खरीद सकते हैं या ऑनलाइन माध्यम द्वारा घर बैठे मंगा सकते हैं।
 
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