दिव्य पेय ( हर्बल टी ) || Patanjali Divya Peya in Hindi.

 दिव्य पेय ( हर्बल टी ) 

 Patanjali Divya Peya  in Hindi.

 

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Divya Peya

 

      हेलो दोस्तों कैसे हैं आप सभी, उम्मीद करता हूं आप सब ठीक ही होंगे। तो दोस्तों आज मैं उन सभी भाइयों के लिए पोस्ट लाया हूं जो चाय (Tea) पीने के शौकीन हैं, वे चाय तो पीते हैं लेकिन उन्हें वह नुकसान बहुत देती है। जैसे कि पेट में एसिडिटी या गैस बनने की समस्या हो जाती है तो उन सभी भाइयों के लिए मैं इस पोस्ट में बताऊंगा एक ऐसी आयुर्वेदिक चाय के बारे में जिसे पीने से आपका स्वास्थ्य तो ठीक रहेगा ही और आपको कुछ नुकसान भी नहीं होगा। तो हां दोस्तों आज की इस पोस्ट में मैं बात करूंगा बाबा रामदेव तथा आचार्य बालकृष्ण की आयुर्वेदिक कंपनी पतंजलि दिव्य फार्मेसी की दिव्य पेय के बारे में, जो कि एक आयुर्वेदिक चाय हैं तो आइए दोस्तों बिना किसी देरी किए हम Patanjali Divya Peya  in Hindi के बारे में आपको बताते हैं-

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मुख्य घटक –
Patanjali Divya Peya ke Ghatak –

  • एला ( इलायची ) ,
  •  तेजपत्र , 
  • दालचीनी , 
  • लवंग , 
  • चन्दन , 
  • जावित्री , 
  • जायफल , 
  • कालीमिर्च , 
  • गुलाबफूल , 
  • कमलफूल , 
  • अश्वगन्धा , 
  • सोमलता , 
  • पुनर्नवा , 
  • वासा , 
  • चित्रक , 
  • अमृता , 
  • भूमि आँवला , 
  • आज्ञाघास , 
  • बनप्साफूल , 
  • ब्राह्मी , 
  • शंखपुष्पी , 
  • तुलसी , 
  • छोटी पिप्पली , 
  • श्वेत चन्दन , 
  • चव्य , 
  • सोंठ , 
  • नागरमोथा , 
  • तेजपात , 
  • सौंफ , 
  • अर्जुन आदि । 

 

मुख्य गुण – धर्म :
Patanjali Diya Peya ke Fayde –

  •  यह मादकतारहित मधुर स्वादयुक्त आयुर्वेदिक पेय है , जो चाय का उत्तम विकल्प है ।
  •  इस पेय के सेवन से शरीर में रोगप्रतिरोधक शक्ति का विकास होता है , जिससे कफ आदि रोग शरीर को आक्रान्त नहीं कर पाते । किसी असावधानीवश रोग body में आ भी गया हो तो जल्दी ही छुटकारा मिल जाता है ।
  •  इसके सेवन करने से मन्दाग्नि दूर होती है । मस्तिष्क को शान्ति व शक्ति मिलती होती है तथा शरीर की शक्ति में भी वृद्धि हो जाती है । 
  • इस पेय का सेवन कॉलेस्ट्रॉल का नियमन करता है तथा हृदय रोगों से बचाता है । 
  • यह दिव्य पेय यकृत को शक्ति प्रदान करता है । सबसे उत्तम बात तो यह है कि यह दूध में उपस्थित स्नेहत्व को नष्ट नहीं करती तथा निकोटिन रहित है , जबकि बाजार में उपलब्ध चाय में निकोटिन होती है तथा उसके सेवन से गैस , कब्ज व एसीडिटी जैसे रोग सहज ही पैदा हो जाते हैं ।

 

सेवनविधि तथा मात्रा –
Patanjali Diya Peya ki Sevan Vidhi –

     इस पेय की उपयोग करने की विधि सामान्य चाय की तरह ही है । मात्रा भी सामान्य चाय की तरह ही होती है , बल्कि उससे भी कम मात्रा में डालना उचित है । इसे दूध में डालकर सामान्य चाय की अपेक्षा अधिक देर तक पकाएँ । इससे जड़ी – बूटियों का अधिक लाभ मिलेगा । आवश्यकतानुसार चीनी मिलाकर पिएं ।

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