Mouth cleaning hindi- मुंह की सफाई रखती है कई रोगों को दूर

Mouth cleaning

मुंह की सफाई रखती है कई रोगों को दूर 

 

     अच्छी सेहत का रास्ता हमारे मुंह से होकर जाता है । बात केवल दांत व मसूडों की समस्या की नहीं है , मुंह की कई समस्याएं पूरे शरीर , खासकर दिल के रोगों से जुड़ी होती हैं । मुंह की सेहत से जुड़ी कई छोटी – बड़ी बातों का कैसे ध्यान रखें , बताएंगे आज के हम इस ब्लॉग में तो लास्ट तक बने रहे हमारे साथ-

     ‘ मुंह की गंदगी केवल आपके दांतों और मसूड़ों को बीमार बनाकर सांसों की बदबू का कारण ही नहीं बनती , बल्कि दिल को भी बीमार बना सकती है। विश्वभर में हुए कई शोध यही साबित करते हैं कि मुंह की गंदगी उच्च रक्तचाप के खतरे को बढ़ा देती है , जिससे दिल के रोगों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है । Mouth cleaning hindi

     जिन्हें दांतों और मसूड़ों से सम्बंधित समस्याएं होती हैं , उनके दिल की बीमारियों की चपेट में आने का खतरा उन लोगों की तुलना में कई गुना बढ़ जाता है , जिन्हें इनसे जुड़ी कोई समस्या नहीं होती जो नियमित रूप से अपने मुंह की सफाई नहीं करते उन्हें दिल के रोगों का खतरा उनसे भी अधिक होता है , जिनके रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर आसामान्य है । 

     जिन्हें पहले से दिल से जुड़ी समस्याएं , जैसे बैक्टीरियल एंडोकार्डिटिस ( हृदय की अंदरूनी परत के संक्रमण ) का खतरा अधिक है , उन्हें ओरल हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए । इसी तरह हार्ट अटैक के बाद डेंटल सर्जरी या गहन ओरल ट्रीटमेंट के लिए कम से कम छह महीने इंतजार करना चाहिए । अगर एंटीकोएगलैंट ( रक्त को पतला करने वाली दवाएं ) ले रहे हैं , तो डॉक्टर को बताएं । इन दवाओं के कारण सर्जिकल प्रक्रिया में खून निकलता है ।

 बैक्टीरिया का दिल पर असर –
Effect of bacteria on heart-

     मुंह की गंदगी के कारण बैक्टीरिया और दूसरे रोगाणु रक्त के प्रवाह द्वारा मुंह से शरीर के दूसरे भागों में फैल जाते हैं । परिसंचरण तंत्र के द्वारा . जब यह दिल तक पहुंचते हैं , तो दिल के रोगों का कारण बनते हैं । जब ये सूक्ष्मजीव दिल तक पहुंचते हैं , ये अपने आपको किसी क्षतिग्रस्त भाग से जोड़ लेते हैं और सूजन का कारण बन जाते हैं , जिसके कारण बीमारियां होती हैं । जैसे- एंडोकार्डिटिस , हृदय की सबसे अंदरूनी परत का संक्रमण आदि । 

     अमेरिकन हार्ट असोसिएशन के अनुसार , दूसरे कार्डियोवैस्क्युलर रोग , जैसे – आर्थेरोस्क्लेरोसिस ( धमनियों का ब्लॉक हो जाना ) और स्ट्रोक भी उस सूजन से जुड़े हैं , जो मुंह में पाए जाने वाले बैक्टीरिया और दूसरे रोगाणुओं के कारण होती है । बैक्टीरिया और अन्य रोगाणु रक्त के प्रवाह में पहुंचकर सी – रिएक्टिव प्रोटीन ( रक्त नलिकाओं में सूजन का संकेत ) का स्तर बढ़ा देते हैं । इससे दिल के रोगों और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है ।

 

ओह ! मुंह की दुर्गंध ! Oh !  Bad breath!

     डॉक्टरों का कहना हैं कि, ‘ लगातार कई दिनों से मुंह से दुर्गंध आ रही हो , तो डेंटिस्ट को दिखाना चाहिए अगर ओरल हाइजीन में कोई समस्या नहीं है तो किसी अच्छे फिजिशियन को दिखाएं । मुंह से बदबू आना कई दूसरे रोगों से भी जुड़ा हो सकता है । जैसेकि-

  •  डायबिटीज
  •  नाक या फेफड़े का संक्रमण 
  • किडनी या लिवर में गड़बड़ी 
  • पाचन तंत्र से जुड़ी समस्याएं 
  • साइनस की समस्या । 
  • एसिड रिफ्लक्स | 
  • माउथ वॉश सांस की बदबू को अस्थायी रूप से दूर करता है। यह स्थायी समाधान नहीं है 

बढ़ जाता है इन रोगों का खतरा-
The risk of these diseases increases-

  • मसूड़ों और दांतों की बीमारियां व साफ – सफाई की कमी दूसरे अंगों पर भी दुष्प्रभाव डाल सकती है। कई रोगों के लक्षण गंभीर हो सकते हैं । Mouth cleaning hindi
  • डायबिटीज होने पर मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं जैसे , मुंह सूखा रहना , दांत टूटना , मसूड़े सूजे हुए और लाल रहना आदि । इसके अलावा , मसूड़ों के किसी भी घाव को भरने में समय लगता है । पर , मसूड़ों की बीमारी भी डायबिटीज के लक्षणों को बढ़ा देती है । डायबिटीज को काबू करने में दिक्कत होती है । मसूड़ों की समस्याएं ब्लड शुगर को बढ़ा सकती हैं । 
  • ओरल कैविटी में मौजूद बैक्टीरिया फेफड़ों में चला जाता है , जो न्यूमोनिया की आशंका को बढ़ाता है । खासकर , जिन्हें मसूड़ों के रोग हैं । 
  • जिन गर्भवती महिलाओं को मसूड़ों के रोग हैं , उनमें समयपूर्व प्रसव का खतरा बढ़ जाता है और बच्चे का वजन भी कम होता है।
  • मुह की सफाई की कमी दिमाग पर भी असर डालती है । संक्रमण से मूसड़ों में हुई सूजन दिमाग की कोशिकाओं को हानि पहुंचाती है , जिसका असर याददाश्त पर पड़ता है । 
  • गठिया रोगों का भी यह कारण है । Mouth cleaning hindi

 

कोरोना काल में बढ़ी समस्याएं –
Problems increased in the Corona period –

     कोरोना काल में पिछले दो वर्षों से लोगों की ओरल हेल्थ काफी प्रभावित हुई है । दांतों की समस्याओं में लोग डॉक्टर के पास नहीं जा पाए । न्यूयॉर्क पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार , पिछले दो वर्षों में दांतों से जुड़ी समस्याएं 50 प्रतिशत तक बढ़ी हैं । Mouth cleaning hindi

     एअरोसोल एंड एअर क्वालिटी रिसर्च के अनुसार , जब आप मॉस्क पहनते हैं , तो आप कार्बन डाइऑक्साइड सामान्य से अधिक मात्रा में ट्रैप करते हैं , जिससे ओरल माइक्रोबायोम्स एसिडिटी अधिक हो सकती है । इससे संक्रमण या मसूड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है । मास्क लगाने से ब्रीदिंग पैटर्न में बदलाव आ सकता है , जिससे लार या सलाइवा की मात्रा कम हो सकती है , जिससे दांतों में चिपके हुए खाद्य पदार्थ निकल नहीं पाते और दांतों में कैविटीज बनने , दुर्गंध आने और मसूड़ों में सूजन का खतरा बढ़ जाता है ।

 

ओरल हाइजीन और ओरल कैंसर –
Oral hygiene and oral cancer-

     मोहाली स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के कैंसर विभाग के निदेशक डॉक्टर कहते हैं , ‘ पूरे विश्व में हमारे देश में पुरुषों में ओरल कैंसर के मामले सबसे अधिक सामने आते हैं । ओरल कैंसर को ओरल कैविटी या मॉडथ कैंसर भी कहते हैं । यह कैंसर होंठो , मसूड़ों , गालों की अंदरूनी भित्ती , तालू , जीभ के नीचे वाले हिस्से में हो सकता है । इसे हेड एंड नेक कैंसर समुह में रखा जाता है । ‘ Mouth cleaning hindi

     नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फार्मेशन , इंडिया में हुए एक अध्ययन के अनुसार , ओरल हाइजीन न रखना कई गंभीर रोगों का खतरा बढ़ा देता है , ओरल कैंसर इसमें से एक है । दांतों और जीभ को साफ रखना और नियमित डेंटल चेकअप कराना ओरल कैंसर के खतरे को कम करता है । कुछ बातों का ध्यान रखें-

  • किसी भी रूप में तंबाकू न खाएं । 
  • नियमित दांतों और मसूड़ों की जांच कराएं ब्रश करते हुए जीभ भी साफ करें । 
  • थोड़ी भी परेशानी हो तो डेंटिस्ट को दिखाएं । ओरल कैंसर के अधिकतर मामले डेंटिस्ट द्वारा ही पता चलते हैं ।

 

दांतों को स्वस्थ रखेंगे ये उपाय –
These measures will keep teeth healthy –

  •  दिन में दो बार ब्रश करने के साथ जीभ की सफाई भी करे , क्योंकि बैक्टीरिया ज्यादातर यहीं पनपते हैं । 
  • कड़क ब्रिस वाले ब्रश से दांत साफ न करें ।
  • दिन में एक बार फ्लॉस करें , इससे दांतों के बीच फंसे भोजन के टुकड़े निकल जाते हैं । 
  • खाने के बाद कुल्ला करें या शूगर फ्री च्युइंग गम चबाएं , इससे दांत नहीं सड़ेंगे । 
  • धूम्रपान न करें । Mouth cleaning hindi
  • तंबाकू से दांतों पर धब्बे पड़ जाते हैं और इससे मसूड़ों के रोगों और मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है । 
  • अधिक गर्म और ठंडी चीजें न खाएं । इससे दांतों का इनेमल खराब हो जाता है और वह संवेदनशील हो जाते हैं । 
  • नॉनवेज खाने के बाद कुल्ला जरूर करें । किसी कड़ी चीज को दांतों से न खोलें ।

सोच – समझकर कराएं दांतों की सफाई –
Get your teeth cleaned carefully-

    दांतों की क्लीन्जिंग मुंह की दुर्गंध , दांतों की सड़न और मसूड़ों की बीमारियों से बचाती है । इससे जड़ें भी मजबूत होती हैं । क्लीन्जिंग के बाद दांतों का पीलापन दूर हो जाता है और वो सफेद और चमकीले दिखाई देने लगते हैं । दांतों में जमे प्लॉक और टार्टर को निकालने के लिए कई बार एक से अधिक सीटिंग की जरूरत होती है । वैसे यह प्रक्रिया सुरक्षित है , पर जल्दी – जल्दी डीप क्लीनिंग करने से दांतों में संवेदनशीलता विकसित हो सकती है । तंत्रिकाओं पर भी बुरा असर पड़ सकता है ।

घरेलू नुस्खे home remedies mouth cleaning-

  •  ढेर सारे फल और सब्जियां खाएं यह दांतों को साफ रखने का सबसे आसान और प्राकृतिक तरीका है । 
  • खाते समय दोनों तरफ से भोजन को चबाएं । इससे भी दांत साफ रहते हैं । 
  • दांतों पर सतरे या केले के छिलके रगड़े , इससे हानिकारक बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाएंगे और दांतों का पीलापन भी दूर हो जाएगा । Mouth cleaning hindi
  •  पानी , नींबू का रस और मिंट ऑइल मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें , इसे नियमित मॉउथ वॉश की तरह इस्तेमाल करें । दांत सफेद और चमकीले रहेंगे ।
 
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