पतंजलि आरोग्य वटी || patanjali arogya vati benefits in hindi

पतंजलि आरोग्य वटी  || patanjali arogya vati benefits in hindi

     दोस्तों फिर से स्वागत है आपका हमारे इस ब्लॉग में और मैं आपके लिए लाता रहता हूं आयुर्वेदिक, योग और मेडिटेशन से जुड़ी सभी जानकारी, तो इसी प्रकार आज मैं आपके लिए लेकर आया हूं पतंजलि की एक आयुर्वेदिक औषधि जिसका नाम है पतंजलि आरोग्य वटी Patanjali arogya vati, वैसे तो पतंजलि की बहुत सारी आयुर्वेदिक दवाई मार्केट में उपलब्ध है, लेकिन पतंजलि आरोग्य वटी एक ऐसी औषधि है जो तीन औषधि से मिलकर बनाई गई है।

जिसमें नीम तुलसी और गिलोय यह तीनों का प्रयोग किया गया है जो कि यह बहुत ही गुणकारी औषधि हैं।

     इस औषधि का सेवन करने से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा वायरल संक्रमण और ज्वर आदि में भी बहुत ही लाभकारी हैं। यह औषधि स्वास्थ्य  वर्धक तथा जवानों एवं वायरल संक्रमण से बचाती है तथा चर्म रोग में लभदायक है, यह वात,पित्त,कफ  को संतुलन बनाने में  बहुत ही लाभकारी होती हैं।

     आज के इस पोस्ट में मैं आपको बताने वाला हूं Patanjali arogya vati के फायदे के बारे में तथा इसके सेवन करने से हमें क्या नुकसान हो सकते हैं, इसकी सेवन विधि क्या है, इसमें मुख्य घटक कौन-कौन से हैं, तथा इसकी कीमत आदि के बारे में मैं आपको बताऊंगा। Patanjali arogya vati से संबंधित सभी सवालों के जवाब आपको आज की इस पोस्ट में मिल जाएंगे, इसलिए आप लास्ट तक बने रहे हमारे साथ-

पतंजलि आरोग्य वटी के फ़ायदे –
patanjali arogya vati benefits in hindi-

  • पतंजलि आरोग्य वटी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।
  • इस औषधि के सेवन करने से त्वचा संबंधी रोग भी खत्म होते हैं।
  • आरोग्य वटी का सेवन करने से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसे लोग भी आसानी से दूर हो जाते हैं।
  • अगर आपके लीवर से संबंधित कोई समस्या है तो आप Patanjali arogya vati का सेवन कर सकते हैं जो कि बहुत ही लाभकारी है।
  • Patanjali arogya vati के सेवन करने से हमारी पाचन क्रिया भी मजबूत होती हैं।
  • यह हमारे शरीर से गंदगी बाहर निकालने में भी काफी मददगार हैं।
  • Patanjali arogya vati का सेवन करने से कोलेस्ट्रोल, ट्राइग्लिसराइड, और एलडीएल लेवल कम होता है।

पतंजलि आरोग्य वटी मुख्य घटक – –
Patanjali arogya vati ingredients in hindi –

  • गिलोय (Tinospora Cordifolia)
  • तुलसी (Ocimum Sanctum)
  • नीम (Azadirachta Indica)

 Patanjali Arogya Vati

गिलोय (Giloy) –

     गिलोय की बेल तो आप सभी ने देखी होगी और आप सभी गिलोय को अच्छे से जानते भी होंगे। गिलोय को गुडूची, टिनोस्पोरा जैसे आदि नामों से भी जाना जाता है, गिलोय का प्रयोग करने से सभी प्रकार के जैसे कि टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि के लिए गिलोय को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। अगर गिलोय आपको नहीं मिल रही है तो आप गिलोय की गोलियों का भी प्रयोग कर सकते हैं, गिलोय का सेवन करने से वात पित्त और कफ ठीक रहते हैं।

नीम (Neem) –

     नीम का सेवन बैक्टेरियल इंफेक्शन को दूर करता है और हमारे स्क्रीन से संबंधित सभी प्रकार के रोगों को ठीक करने में सहायक होता है । अगर आप रोजाना नीम की पत्तियों का काढ़ा पीते हैं तो आपको किसी भी प्रकार का ज्वर नहीं होगा और ना ही त्वचा से संबंधित कोई रोग होगा।

तुलसी (Tulai) –

     एंटीऑक्सिडेंट के गुण तुलसी में पाए जाते हैं, जिसके सेवन करने से सर्दी, खांसी, बुखार, जुखाम आदि में लाभ मिलता है। यह हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में काफी मददगार होता है। तुलसी एक आयुर्वेदिक औषधि है इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में काफी औषधि में किया जाता है।

आरोग्य वटी की सेवन विधी –
Patanjali arogya vati dosage –

  • दो गोली सुबह के समय और दो गोली शाम को खाना खाने के बाद खाने चाहिए।
  • आरोग्य वटी का सेवन आप हल्के गर्म पानी के साथ कर सकते हैं।
  • आरोग्य वटी का सेवन करने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

आरोग्य वटी के नुकसान और सावधानियां-

  • आरोग्य वटी आयुर्वेदिक पहुंचते हैं इसके सेवन करने से कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।
  • आरोग्य वटी को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए।
  • खाली पेट आरोग्य वटी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • पतंजलि आरोग्य वटी की ओवरडोज लेने से बचना चाहिए।
  • अगर पहले से ही कोई अन्य दवा चल रही है तो चिकित्सक से सलाह जरूर ले लें।

आरोग्य वटी प्राइस-
Patanjali arogya vati price –

  • 40 ग्राम की डिब्बी – 60 रुपए में

पतंजलि आरोग्य वटी आपको मार्केट में ₹60 की मिल जाती हैं जिसमें 40 ग्राम की डिब्बी होती है। इसको आप आसानी से पतंजलि स्टोर से या ऑनलाइन माध्यम द्वारा खरीद सकते हैं।

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