एक – दूजे को समझें जिंदगी को संवारें || understand each other

एक – दूजे को समझें जिंदगी को संवारें || understand each other

     यदि आप अपने रिश्ते में अधिक गहराई और अंतरंगता चाहते है , तो आपको अपने साथी के साथ और अधिक भावनात्मक संबंध विकसित करने होगे । तभी आप एक – दूसरे को समझ पाएंगे । अपने साथी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने के कुछ तरीके बता रहें हैं ।

     पति – पत्नी का रिश्ता खास होता है । एक – दूजे को ही नहीं , पूरे परिवार और यहां तक कि करियर को आगे ले जाने वाला होता है । कई बार रोज – रोज की भागदौड़ , आगे बढ़ने , करियर , प्रमोशन की कोशिशों में यह रिश्ता अकेला सा पड़ जाता है । ऐसी स्थिति न सिर्फ पति – पत्नी की खुशियों पर ग्रहण लगाती है , बल्कि घर – परिवार और यहां तक कि लोगों की कार्यक्षमताओं पर भी असर डालती है ।

    इसलिए तमाम व्यस्तताओं के बीच एक दूसरे को भावनात्मक रूप से समझना और संबल बनना बहुत जरूरी है । ऐसा करने परघर , ऑफिस , समाज यानी जिंदगी के हर क्षेत्र में आप खुश रहेंगे और अपना जीवन संवारेंगे । भावनाओं को समझना पति – पत्नी एक – दूसरे की भावनाओं को समझें , यह बहुत जरूरी है । अपने जीवनसाथी को एहसास कराएं कि न सिर्फ आप उनकी भावनाओं को समझते हैं , बल्कि उन्हें महत्व भी देते हैं । किन्हीं खास परिस्थितियों में उनके व्यवहार पर नाराज होने या ताना देने की जगह उन्हें साथ होने का विश्वास दिलाएं । इससे रिश्ता मजबूत होगा ।

रिश्तों में साफगोई –
frankness in relationships –

     अपने पार्टनर के साथ सब कुछ साफगोई से साझा करें । कुछ भी छिपाना या मुखौटा लगाकर बात बताना , रिश्ते में गर्मजोशी को कम करता है । आपको अपने पार्टनर को अपनी पसंद , नापसंद अपनी ताकत , अपनी कमजोरी , अपने विश्वास , चीजों को देखने का नजरिया , अपने लक्ष्य , अपनी इच्छाएं , यहां तक कि अपनी पसंद का खानपान , पहनावा सब कुछ बता दें , ताकि आप एक – दूसरे की सभी जरूरतों को अच्छी तरह समझ सकें ।

मैं हूं ना !

     अपने जीवनसाथी को विश्वास दिलाएं कि हर परिस्थिति में आप उनके साथ हैं । फिर उतार चढ़ाव जीवन के किसी भी क्षेत्र के क्यों न हों । मामला सेहत का हो , करियर का हो या पारिवारिक । जब आप एक – दूसरे के सुख – दुख में हर समय खड़े होने का विश्वास दिलाएंगे तो रिश्ता हर पल मजबूत होगा और विपरीत परिस्थितियों में भी आपका आत्मविश्वास नहीं डगमगाएगा । ऑफिस जाते वक्त पार्टनर को अलग से बाय करना या गले लगाना न भूलें । कुछ सेकंड की यह हरकत आप दोनों की ऊर्जा और खुशी को पूरे दिन के लिए बढ़ा देगी ।

प्रशंसा करना न भूले –
Do not forget to praise –

     तारीफ किसे अच्छी नहीं लगती जनाब । फिर तारीफ करने वाला पति या पत्नी में से कोई हो , तो बात ही क्या । अपने पार्टनर की किसी भी छोटी बड़ी अच्छाई , जो जब भी देखें या महसूस करें तो उसकी प्रशंसा करने से नहीं चूकें । ऐसा करना न सिर्फ उनका उत्साह बढ़ाएगा , बल्कि आपके बीच के रिश्ते को ताजा करेगा । मान लीजिए , पति को खाना बनाना नहीं आता और आपको बुखार होने पर उन्होंने आपकी सेहत का ध्यान रखते हुए घर पर ही कुछ नाश्ता बनाया है तो आप खुल कर उनकी प्रशंसा करें । उन्हें बताएं कि वो कितने केयरिंग और लविंग हैं ।

समय देना न भूलें –
Don’t forget to give time –

     ऑफिस , बिजनेस की भागदौड़ के बीच अपने पार्टनर के लिए समय निकालना न भूलें । फिर व्यस्तता कितनी ही क्यों न हों , उन्हें एहसास कराएं कि वो आपके लिए बहुत खास हैं । ऐसा न हो कि करियर की दौड़भाग के बाद जो कुछ समय मिला है , वो फोन , टीवी , नेटसर्फिंग , बच्चों की देखरेख में ही न चला जाए । सारी जिम्मेदारी निभाते हु हुए पार्टनर के कंधे पर सिर रखकर कुछ मिनट अपने मन की बात कह लेना और उनकी बात सुन लेना भी आपको तरोताजा कर देगा ।

     आप अपने ऑफिस से लौटे और आपकी पत्नी अपने ऑफिस से । इसके बाद वो किचन में चली गई और आप ऑफिस के काम से लैपटॉप खोल कर बैठ गए । ऐसा बिल्कुल न करें । एक गरम चाय की प्याली या मजेदार कॉफी आप दोनों का तनाव दूर करेगी । प्यार और शरारत भरे अंदाज में एक – दूसरे से दिन का हाल पूछें ।

तुम्हें क्या चाहिए
what do you want –

     तुमने कभी कहा ही नहीं …। अकसर पति – पत्नी के बीच यह बात सुनने में आ जाती है । बात अमीर या गरीब होने की नहीं है । बात है , अपने पार्टनर की जरूरतों को समझने और उनसे पूछने की । घर की व्यस्तताओं और खर्च में कई बार पार्टनर की ख्वाहिश अनकही और अनसुनी रह जाती है । इसलिए जरूरी है आप अपने पार्टनर से समय समय पर उसकी पसंद पूछें । उसकी पसंद का ध्यान रखें । वो न भी बताए तो जिद करके पूछें । इससे खुशियां आप दोनों का साथ नहीं छोड़ेंगी । अगर आपकी पत्नी को चॉकलेट बहुत पसंद है या फिर वो गोलगप्पे खाने की शौकीन हैं , तो आप ऑफिस से आते वक्त ऐसे पसंदीदा आइटम ला सकते हैं ।

एक – दूसरे को सुनें –
listen to each other –

     कहते हैं कि अगर सामने वाला कोई बात या समस्या पूरी सुन ले , तो मन की पीड़ा कुछ कम हो जाती है । फिर सुनने वाला अगर जीवनसाथी हो , तो बात ही क्या । जब बात सुनी जाएगी तो उसका समाधान भी निकलेगा । इसलिए संवेदनाओं के साथ एक – दूसरे की बात को सुनें जरूर ।

काम में हाथ बंटाना –
hand in work –

     बेशक पौधों में पानी देना , डॉगी को टहलाना , खाना बनाना या वॉशिंग मशीन में धुल चुके कपड़ों को सुखाना आपका रोज का काम न हो , पर आपका पार्टनर अगर ऑफिस , त्योहार या अतिथियों के आने की व्यस्तता की वजह से अगर पहले ही काम के दबाव में है , तो आप खुद से आगे बढ़े और उनके काम में हाथ बंटा कर दोनों के लिए खुशी और उनका दिल जीत सकते हैं । इससे काम भी जल्दी होगा और आप अपने लिए समय भी निकाल सकेंगे ।

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